जब सइयां भई कोतवाल तो डर काहे का इस कहावत को सच कर दिखाता चतरा जिले के अंचलाधिकारी द्वारा
इटखोरी: दरअसल चतरा जिले के इटखोरी प्रखण्ड के परसौनी निवासी के रहने वाले महादेव साव की खाता न 16 प्लॉट न 399 रकबा 40 डिसमिल मौजा झखरा थाना न: 31 थाना इटखोरी अंचल इटखोरी जमीन धोखे से इसाक मियाँ और जुमन मियाँ ने जाली दस्तावेज के जरिये अपना बना लिया है पिडित ने इसकी शिकायत मौजूदा अंचलाधिकारी से की कोई निर्णय ना निकलता देख पिडित अपर
समाहर्त्ता से भी फरियाद लगाई जहाँ उन्होंने जांच कर आनलाइन नाम चढाने का आदेश जारी किया ईसके बावजूद अंचलाधिकारी आदेशों को दरकिनार कर नजरअंदाज किये बैठे हैं इस मामले पर इनके द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई पिडीत दर दर भटकने को मजबूर हैआनलाइन म्यूटेशन की प्रक्रिया जनता को राहत देने के लिए बनायी गयी है ताकि आम जनता को इसके बाद कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े,पर हकीकत में इस प्रक्रिया के बाद से आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई है.आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह प्रक्रिया आम जनता को राहत नहीं दे पा रहा है.वहीं अंचलों में ऑनलाइन के नाम पर ऐसे मामलों में दोहन-शोषण भी जमकर हो रहा है. रैयतों को कार्यालय का चक्कर लगाने के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी हो रही है.यहां तक कि कई मामलों में जान बुझकर भी 30 दिनों से अधिक समय तक आवेदन लटकाया जाता है. जबकि कई मामलों में अनावश्यक रूप से आवेदन रिजेक्ट भी किया जा रहा है. ऐसे में जनता हैरान व परेशान है.आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमें सबसे खराब स्थिति इटखोरी प्रखंड इटखोरी अंचल की है, जहां म्यूटेशन और ऑनलाइन चढाने के मामले में आम जनता को राहत नहीं मिल पा रहा है. यहां 365 मामले 30 दिनों से अधिक समय तक एवं 24 मामले 90 दिनों से अधिक समय के बाद भी लंबित रखा गया है.
